Updated : Feb 28, 2019 in भारतीय वायु सेना

केवल इन लोगों को थी जानकारी, किस वक्त पाकिस्तान पर हमला करेगा भारत!

पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने आखिरकार शहीद जवानों का बदला ले लिया। मंगलवार तड़के 3.53 बजे भारत के चार मिराज-2000 विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण ठिकाने को पूरी तरह नष्ट कर दिया।

भारत की ओर से की गई इस बड़ी कार्रवाई में जैश के 300 से ज्यादा आतंकी ढेर हो गए। अधिकारियों ने तस्वीरों के साक्ष्य का हवाला देते हुए यह जानकारी दी जिसे मीडिया के साथ साझा नहीं किया गया था, इन तस्वीरों में से जैश के प्रशिक्षण शिविरों को ढक दिया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक कई वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों को भारत की इस कार्रवाई के बारे में पहले से ही पता था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) को पाकिस्तान में लक्ष्य तलाशने के लिए कहा गया था।

रॉ के बताए गए छह ठिकानों में बालाकोट का नाम सबसे ऊपर था क्योंकि यह जैश का सबसे पुराना और महत्वपूर्ण कैंप था। इस कैंप को मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर चलाता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 18 फरवरी को पीएम मोदी ने हमले को मंजूरी दी। खुफिया अधिकारियों के अनुसार इस फैसले के बारे में केवल सात लोगों को पता था – मोदी, डोभाल, तीनों सैन्य प्रमुख और रॉ और इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख।

22 फरवरी से वायु सेना ने पाकिस्तानियों को भ्रमित करने के लिए विभिन्न सीमावर्ती ठिकानों से रात को उड़ाने भरनी शुरू कर दी। 25 फरवरी को खुफिया जानकारी मिली की बालाकोट कैंप में बड़ी संख्या में जैश-ए-मोहम्मद के 300-350 के बीच आतंकवादी मौजूद हैं। उसी शाम को तुरंत हमले का निर्णय लिया गया। मोदी को देर शाम तक पता था कि अगले कुछ घंटों में हमला हो सकता है।

पीएम मोदी रात भर जागते रहे। डोभाल, वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ और रॉ और आईबी के प्रमुख भी इस कार्रवाई के दौरान जगे रहे। सेना प्रमुख बिपिन रावत और नौसेना प्रमुख सुनील लांबा भी रात भर जगे हुए थे ताकि किसी भी परिस्थिति में जवाबी कार्रवाई का निर्णय लिया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *